Thursday, January 24, 2019

"आरक्षण!"

आरक्षण नहीं है ये, लोगों में ये बवाल हो गया!
राजनीति के इक पन्ने में, ये गन्दा सा सवाल हो गया!
दंगे फसाद बढ़ रहे हर जगह हैं,
कोई बैठे अनसन मालामाल हो गया!
आरक्षण नहीं है ये, लोगों में ये बवाल हो गया!


आरक्षण को हथियार बना लोगों को भड़काने का!
झूठ-मूठ भाषण देकर राजनीति में पैर ज़माने का!
आरक्षण को जरिया बना लोगोंं को गुमराह कर रहा!
जगह-जगह आंदोलन कर सड़कों को जाम कर रहा!
इससे अच्छा बहाना और क्या होगा राजनीति में आने का!


आरक्षण नेताओं के लिए सुन्दर सा उपहार हो गया!
लोगों को आकर्षित करने का अच्छा मायाजाल हो गया!
आरक्षण नहीं है ये, लोगों में ये बवाल हो गया!

राजनीति के इक पन्ने में, ये गन्दा सा सवाल हो गया!
Written By-Kishor Saklani

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