टूटे हुए दिल का हाल!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
तोड़ के दिल मेरा वो मुझसे दूर हो गई है!
झूठा प्यार जताया करती थी वो मुझसे शायद,
सच्चा प्यार करना ही मेरे लिये सजा हो गई है !
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
सोचता था उसके सारे दुःख दूर करूँगा !
उसकी खुशियों के लिए सारी दुनिया से लड़ूँगा!
कहती थी सारी जिंदगी साथ निभाऊंगी!
न जाने फिर क्यों वो मुझसे दूर हो गई है !
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
चाहत किसी और की थी उसे मुझे बता दिया होता !
कम से कम उसकी झूठी यादों से मेरा दिल ना रोता !
लगता है उसने उसको भी झूठा प्यार किया होगा!
सुना है वो जालिम उसे भी दगा दे गई है!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
सोचता हूँ इतना बेरहम दिल कोई कैसे होगा!
दिल तोड़ने से पहले क्या उसने कुछ न सोचा होगा !
टूटे हुये दिल का दर्द वो कैसे समझ पायेगी,
उसको तो शायद मोहब्बत से खेलने की आदत हो गई है!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
किशोर सकलानी
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
तोड़ के दिल मेरा वो मुझसे दूर हो गई है!
झूठा प्यार जताया करती थी वो मुझसे शायद,
सच्चा प्यार करना ही मेरे लिये सजा हो गई है !
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
सोचता था उसके सारे दुःख दूर करूँगा !
उसकी खुशियों के लिए सारी दुनिया से लड़ूँगा!
कहती थी सारी जिंदगी साथ निभाऊंगी!
न जाने फिर क्यों वो मुझसे दूर हो गई है !
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
चाहत किसी और की थी उसे मुझे बता दिया होता !
कम से कम उसकी झूठी यादों से मेरा दिल ना रोता !
लगता है उसने उसको भी झूठा प्यार किया होगा!
सुना है वो जालिम उसे भी दगा दे गई है!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
सोचता हूँ इतना बेरहम दिल कोई कैसे होगा!
दिल तोड़ने से पहले क्या उसने कुछ न सोचा होगा !
टूटे हुये दिल का दर्द वो कैसे समझ पायेगी,
उसको तो शायद मोहब्बत से खेलने की आदत हो गई है!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
आज मुझे मोहब्बत से नफरत हो गई है!
किशोर सकलानी
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