Thursday, August 3, 2017

Anger of love!

           प्यार वाला गुस्सा!

तू क्या जाने तुझे कितना प्यार करु में,
इक बार नहीं सौ बार करु में!

गुस्सा तुमसे  करता हूँ अपना समझ के, 
इस बात का डर लगता है,
दूर न हो जाओ कही तुम मुझसे!
दूर न होना  मुझको तुम  बेगाना समझ के,
जीना मुश्किल हो जायेगा बिछुड़  के तुझसे!

तू क्या जाने तुझे प्यार करु में,
इक बार नहीं सौ बार करु में!

प्यार भी तुमसे, तकरार भी तुमसे,
नाराज न होना तुम प्रिये,
मेरी जिंदगी की बहार है तुमसे!
भूल कर भी साथ न छोड़ना, 
पागल हो जाऊंगा,
अगर जो टूट गई जिंदगी की डोर  तुमसे!

तू क्या जाने तुझे कितना प्यार करु में,
इक बार नहीं सौ बार करु में!

में गुस्सा करता हूं, तो तुम उदास होती हो!
अकेले में तुम सिसक-सिसक के रोती हो!
तुम भी ना रोती मेरे गुस्से पे, गर पता होता तुमको,
परवाह तुम्हारी हर पल रहती मुझको, 
हर पल  दिल में होती हो!

तू क्या जाने तुझको कितना प्यार करु में,
इक बार नहीं सौ बार करु में!

Written by- Kishor saklani 

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