जिंदगी का क्या भरोसा
चंद दिनों का ये जीवन है,खुद पर इतना गुरुर न कर .
बैर भाव न रख तू मन में, खुद को सबसे दूर न कर.
जग में खाली हाथ तू आया, खाली हाथ ही जायेगा.
न कुछ तेरा न कुछ मेरा, यही सब कुछ रह जायेगा.
मीठे मीठे बोल से तेरे, दिल सबका खुश हो जायेगा.
प्यार भरा सुकून मिलेगा,दिल से नफरत तू दूर तो कर.
चंद दिनों का ये जीवन है खुद पर इतना गुरुर न कर ,
बैर भाव न रख तू मन में खुद को सबसे दूर न कर.
ठेस किसी के दिल को ना पहुँचा, तू पापी कहलायेगा.
अच्छे कर्मो से खुद का मान सम्मान बढ़ाएगा.
प्यार करेगा हर कोई तुझको, नाम जुबां पे लाएगा
ना पहुंचे दुःख तेरे कारण, दुःख से किसी को ना मजबूर तू कर.
चंद दिनों का ये जीवन है खुद पर इतना गुरुर न कर ,
बैर भाव न रख तू मन में खुद को सबसे दूर न कर.
ना अमर रहा अब तक कोई, ना कोई रह पायेगा.
प्यार भरा रिश्ता ही इस जग में रह जायेगा.
इस तन का भी तू अहम् न कर, इक दिन खाक हो जायेगा.
माफ़ किये जा सबको तू ,खुद को इतना मगरूर न कर.
चंद दिनों का ये जीवन है,खुद पर इतना गुरुर न कर .
बैर भाव न रख तू मन में, खुद को सबसे दूर न कर.
Written by- Kishor Saklani
चंद दिनों का ये जीवन है,खुद पर इतना गुरुर न कर .
बैर भाव न रख तू मन में, खुद को सबसे दूर न कर.
जग में खाली हाथ तू आया, खाली हाथ ही जायेगा.
न कुछ तेरा न कुछ मेरा, यही सब कुछ रह जायेगा.
मीठे मीठे बोल से तेरे, दिल सबका खुश हो जायेगा.
प्यार भरा सुकून मिलेगा,दिल से नफरत तू दूर तो कर.
चंद दिनों का ये जीवन है खुद पर इतना गुरुर न कर ,
बैर भाव न रख तू मन में खुद को सबसे दूर न कर.
ठेस किसी के दिल को ना पहुँचा, तू पापी कहलायेगा.
अच्छे कर्मो से खुद का मान सम्मान बढ़ाएगा.
प्यार करेगा हर कोई तुझको, नाम जुबां पे लाएगा
ना पहुंचे दुःख तेरे कारण, दुःख से किसी को ना मजबूर तू कर.
चंद दिनों का ये जीवन है खुद पर इतना गुरुर न कर ,
बैर भाव न रख तू मन में खुद को सबसे दूर न कर.
ना अमर रहा अब तक कोई, ना कोई रह पायेगा.
प्यार भरा रिश्ता ही इस जग में रह जायेगा.
इस तन का भी तू अहम् न कर, इक दिन खाक हो जायेगा.
माफ़ किये जा सबको तू ,खुद को इतना मगरूर न कर.
चंद दिनों का ये जीवन है,खुद पर इतना गुरुर न कर .
बैर भाव न रख तू मन में, खुद को सबसे दूर न कर.
Written by- Kishor Saklani
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