बेवफ़ा यार!
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
बोलती थी जिंदगी भर साथ दूंगी!
फिर न जाने बेवजह क्यों मेरा साथ छुड़ा दिया,
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
बस इतनी सी चाहत थी की सच्ची मोहब्बत करो मुझसे,
इसी चाहत के लिए आज तूने मुझे ठुकरा दिया!
ख्वाहिश बस इतनी सी थी ये दोस्ती न टूटे जिंदगी भर,
शायद कोई मजबूरी रही होगी आपकी,
जो आपने मुझे जिंदगी भर के लिए भुला दिया!
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
तनहा जी रहा था तनहा ही रहने देती,
दोस्त बनाकर क्यों भुला दिया!
जुदाई में जो दर्द मुझे मिला है आज,
खुदा न करे ऐसा दर्द किसी और को मिले,
जिंदगी तो जी रहा हूँ पर ऐसे ही जी रहा हूँ,
जैसे आज किसी ने मुझे मौत की नींद सुला दिया!
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
Wriitten by- Kishor saklani
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
बोलती थी जिंदगी भर साथ दूंगी!
फिर न जाने बेवजह क्यों मेरा साथ छुड़ा दिया,
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
बस इतनी सी चाहत थी की सच्ची मोहब्बत करो मुझसे,
इसी चाहत के लिए आज तूने मुझे ठुकरा दिया!
ख्वाहिश बस इतनी सी थी ये दोस्ती न टूटे जिंदगी भर,
शायद कोई मजबूरी रही होगी आपकी,
जो आपने मुझे जिंदगी भर के लिए भुला दिया!
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
तनहा जी रहा था तनहा ही रहने देती,
दोस्त बनाकर क्यों भुला दिया!
जुदाई में जो दर्द मुझे मिला है आज,
खुदा न करे ऐसा दर्द किसी और को मिले,
जिंदगी तो जी रहा हूँ पर ऐसे ही जी रहा हूँ,
जैसे आज किसी ने मुझे मौत की नींद सुला दिया!
आज बेवजह तूने मेरे दिल को रुला दिया!
Wriitten by- Kishor saklani
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